Wednesday, 27 July 2011
अधूरा-सा इक नाम........
अधूरी तो मैं भी हूँ जानां
तुम्हारे नाम का साथ जो मिल जाता
तो पूर्ण हो जाती
मैं
मेरा वर्चस्व
मेरा सब कुछ
_________
कैसे लिखती उस अधूरे ख़त में
मैं अपना नाम
वो नाम - जिसे
तुमने कभी अपना कहा ही नहीं
ख्वाबों में जिसे कभी सजाया ही नहीं
नींदों में जिसे कभी पुकारा ही नहीं
आगोश में जिसे कभी लिया ही नहीं
कैसे लिख देती उस नाम को
जो तुम्हारा हो कर भी
आज तक बस मेरा ही साया है
____________
जानते हो
"गुंजन" नाम की सार्थकता तभी होती
जब होठों पर तुम्हारे - वो सजता
सीने से तुम्हारे - वो लगता
रूह में तुम्हारी - वो जा बसता
'जानां' __________
गुंजन
२५/७/११
अरमान......
शाम के आने और जाने में
बस दो पल हैं और बाकी
________
तू मुझ में ढल जाये
मैं तुझ में ढल जाऊँ
यही अरमान है बाकी.....
गुंजन
Saturday, 16 July 2011
जानां.......
हाँ जानां
तू एक ख्वाब ही तो है
जो पैबस्त है
मेरे ख्यालों में
न जाने कबसे
..........
अगर हकीकत होता
तो कभी तो
मेरी बंदगी देख
साकार हुआ होता.......
गुंजन
१६/७/११
Thursday, 14 July 2011
तुम बिन ....... कृष्ण
द्वापर से लेकर आज तक
कितने युग बीते
पर तुमने मुझे
जाना ही नहीं
.............
कैसा लगता होगा
तुम्हें - मेरे बिन
इसकी कल्पना
कभी मेरे अधरों पर
तृप्त स्मित बन नहीं खेली
एक कच्चा-सा लाल धागा
तिर आता है मेरी आँखों की
कोरों पर....
अधूरी-सी सिसकी
गांठ बन उभर आती है
मेरे कंठ में....
यादों का स्पंदन
निह्श्वांस कर जाता है
मेरे जीवन को .......
क्यूंकि -
पूर्ण तो मैं भी नहीं हूँ
तुम बिन - मेरे कृष्ण
गुंजन
१४/७/११
Monday, 4 July 2011
आ जा .......
तू चाहे कहीं भी रहे
तेरा दर्द यहीं है
हसरत नहीं,
अरमान नहीं,
ख्वाइश भी नहीं है
प्यार और बस प्यार है
इसके सिवा कुछ भी नहीं है
आ जा
आ जा
कि अब तो बीत गयीं
कितनी सदियाँ
बोझिल आँखें भी
कब से सोयी नहीं हैं
तू आएगा, तू आएगा
मुझको न जाने क्यूँ यकीं है
जबकि जानती हूँ
कि तुझे मुझसे प्यार नहीं है.....
गुंजन
4/7/11
Monday
Friday, 1 July 2011
क़वायद......
न ख़ुशी ही हमें जीने देती है
न ग़म की क़िताब ही कभी पूरी होती है
कब मिलेगी निज़ात
इस मतलबी दुनिया से "गुन्जन"
आखिर क्यूँ ज़िन्दगी की क़वायद
कभी ख़त्म नहीं होती है........?
गुन्जन
1/7/11
Friday
न ग़म की क़िताब ही कभी पूरी होती है
कब मिलेगी निज़ात
इस मतलबी दुनिया से "गुन्जन"
आखिर क्यूँ ज़िन्दगी की क़वायद
कभी ख़त्म नहीं होती है........?
गुन्जन
1/7/11
Friday
Subscribe to:
Posts (Atom)





